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Tuesday, 5 January 2016
Sunday, 3 January 2016
Saturday, 2 January 2016
Tuesday, 29 December 2015
Monday, 28 December 2015
Sunday, 27 December 2015
Saturday, 18 October 2014
02-ख़ास सर्दियों के लिए बुद्धिशक्तिवर्धक प्रयोग
ख़ास सर्दियों के लिए बुद्धिशक्तिवर्धक प्रयोग
> मालकंगनी (ज्योतिष्मती) उत्तम मेधावर्धक हैं | १ से १० बूँद मालकंगनी तेल बतासे पर डालकर खायें | ऊपर से गाय का दूध पियें | ४० दिन तक यह प्रयोग करने से ग्रहण व स्मृति शक्ति में लक्षणीय वृद्धि होती है | इन दिनों में उष्ण, तीखे, खट्टे पदार्थों का सेवन न करें | दूध व घी का उपयोग विशेष रूप से करें |
> बादाम बौद्धिक, शारीरिक शक्ति व नेत्रज्योति वर्धक हैं | रात को ४ बादाम पानी में भिगो दें | सुबह छिलके उतार के जैसे हाथ से चंदन घिसते हैं, इस तरह घिस के दूध में मिलाकर सेवन करें | इस प्रकार से घिसा हुआ १ बादाम १० बादाम की शक्ति देता है | बालकों के लिए १ से २ बादाम पर्याप्त हैं |
प्रतिदिन मोरारजी देसाई गिनकर सात काजू खाते थे | इससे अधिक बादाम या काजू खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं | इससे गुर्दे (किडनी) और यकृत (लीवर) कमजोर हो जाते हैं | बिना भिगोये अथवा बिना छिलके उतारे बादाम खाने से पाचनतंत्र पर अधिक जोर पड़ता है |
> काले तिल मस्तिष्क व शारीरिक दुर्बलता को दूर करते हैं | १० ग्राम काले तिल सुबह खूब चबा-चबाकर खायें | ऊपर से ठंडा पानी पियें | बाद में २ – ३ घंटे तक कुछ न खायें | इससे शरीर को खूब पोषण मिलेगा | दाँत व केश भी मजबूत बनेगें | (पित्त प्रकृति के लोग यह प्रयोग न करें )
> ५० – ५० ग्राम गुड और अजवायन को अच्छी तरह कूटकर ६ – ६ ग्राम की गोलियाँ बना लें | प्रात: सायं एक-एक गोली पानी के साथ लें | एक सप्ताह में ही शरीर पर फैले हुए शीतपित्त के लाल चकत्ते दूर हो जाते हैं |
- Rishi Prasad
Thursday, 16 October 2014
01-Time to rejuvenate physical strength(बलप्रदायक प्रयोग )
~~~~~~~ बलप्रदायक प्रयोग ~~~~~
रात को ५० ग्राम देशी चने पानी में भिगो दें | सुबह उनमे हरा धनिया, पालक, गाजर, पत्तागोभी, मूली सब कच्चे ही काट के दाल दें | इसमें पिसी हुई काली मिर्च व सेंधा नमक मिलाकर नींबू निचोड़ दें | इस नाश्ते के रूप में खूब चबा-चबाकर खायें | दोपहर के भोजन के बाद पके हुए १ – २ केले खायें | यह प्रयोग पुरे शीतकाल में करने से शरीर पुष्ट, सुडौल व बलवान बनता है | रक्त की भी वृद्धि होती है |
एक चम्मच मक्खन, उतनी ही पिसी मिश्री व एक चुटकी पिसी हुई काली मिर्च को खूब मिलाकर चाट लें | ऊपर से कच्चे नारियल (अष्टमी को नारियल न खायें) के २ – ३ टुकड़े व थोड़ी –सी सौंफ खा लें | बाद में १ कप गर्म दूध पियें | इसे और पौष्टिक बनाने के लिए २ – ३ बादाम रात को पानी में भिगोकर सुबह चंदन की तरह घिस के मक्खन –मिश्री में मिलाकर लें |
- Rishi Prasad
रात को ५० ग्राम देशी चने पानी में भिगो दें | सुबह उनमे हरा धनिया, पालक, गाजर, पत्तागोभी, मूली सब कच्चे ही काट के दाल दें | इसमें पिसी हुई काली मिर्च व सेंधा नमक मिलाकर नींबू निचोड़ दें | इस नाश्ते के रूप में खूब चबा-चबाकर खायें | दोपहर के भोजन के बाद पके हुए १ – २ केले खायें | यह प्रयोग पुरे शीतकाल में करने से शरीर पुष्ट, सुडौल व बलवान बनता है | रक्त की भी वृद्धि होती है |
एक चम्मच मक्खन, उतनी ही पिसी मिश्री व एक चुटकी पिसी हुई काली मिर्च को खूब मिलाकर चाट लें | ऊपर से कच्चे नारियल (अष्टमी को नारियल न खायें) के २ – ३ टुकड़े व थोड़ी –सी सौंफ खा लें | बाद में १ कप गर्म दूध पियें | इसे और पौष्टिक बनाने के लिए २ – ३ बादाम रात को पानी में भिगोकर सुबह चंदन की तरह घिस के मक्खन –मिश्री में मिलाकर लें |
- Rishi Prasad
Monday, 15 September 2014
दिमागी ताकत व तरावट लानेवाला योग
लाभ : यह योग शरीर के लिए तो पौष्टिक है ही, साथ ही दिमागी ताकत और तरावट के लिए भी बहुत गुणकारी है | विद्यार्थियों के लिए यह नुस्खा विशेष लाभदायी है |
विधि : ५०० ग्राम बबूल की गोंद शुद्ध घी में तलें व फुल जाने पर निकाल के बारीक़ पीस लें | इसमें बराबर मात्रा में पिसी मिश्री मिला लें | २५० ग्राम बीज निकाला हुआ मुनक्का और १०० ग्राम बादाम की गिरी दोनों को कूट-पीसकर इसमें मिला लें |
मात्रा : सुबह नाश्ते के रूप में इसे २ चम्मच अर्थात लगभग २० – २५ ग्राम खूब चबा-चबाकर खायें | फिर एक गिलास मीठा दूध घूँट –घूँट करके पी लें |
ध्यान दें : अच्छी तरह खुलकर भूख लगने पर ही भोजन करें |
- लोक कल्याण सेतु
Sunday, 14 September 2014
स्वास्थ्य के लिए हानिकर : रात्रि - जागरण
स्वास्थ्य के लिए हानिकर : रात्रि - जागरण
‘प्रोसीडिंग्स ऑफ़ द नेशनल एकेडमी ऑफ़ साइंसेस’ पत्रिका में प्रकाशित एक ब्रिटिश अध्ययन के अनुसार रात्रि – जागरण हमारे शरीर के डीएनए को गम्भीर नुकसान पहुँचाता है | डीएनए हमारी कोशिकाओं के केंद्र में मौजूद वह महत्त्वपूर्ण तत्त्व जानकारी होती है | जैसे – हमारे बालों का रंग, आँखों का रंग क्या होगा या हमें कौन-सी बीमारियाँ हो सकती है ?
सर्री विश्वविद्यालय (इंग्लैंड) में शोधकर्ताओं ने २२ स्वास्थ लोगों का विशलेषण किया और उनके सोने के समय में लगातार ३ दिनों तक ४ घंटे की देरी की | शोधकर्ताओं ने यह पाया कि सभी २२ लोगों के जीन्स की लय को गहरा नुकसान पहुँचा है | ९७% से अधिक जीन्स जो पहले तालबद्ध थे, सोने का समय बदलने से अपनी लय खो चुके थे | ये जीन्स हमारे डीएनए का ६% हिस्सा होते हैं और बिमारियों के खिलाफ हमारे शरीर के रक्षाकवच का काम करते हैं | शोधकर्ताओं ने नतीजा निकाला कि लम्बे समय तक रात में काम करना शरीर के लिए गम्भीर स्वास्थ्य – समस्याएँ पैदा कर सकता है |
-लोक कल्याण सेतु
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